Eye Related Problem Home Remedy In Hindi

आंखों के रोग

कमजोर नजर

(1) आधा चम्मच ताजा मक्खन, आधा चम्मच पिसी मिश्री और चौथाई चम्मच पिसी काली मिर्च मिलाकर चाट लें। उसके बाद कच्चे नारियल की गिरी के 2-3 टुकड़े खा कर ऊपर से थोड़ी सौंफ खूब चबा-चबा कर खा लें। यह प्रयोग प्रातः खाली पेट 2-3 माह तक करें।

(2) जब सूर्योदय हो रहा हो तब हरी घास पर 15-20 मिनट तक नंगे पैर चलना चाहिए, घास पर रात भर गिरने वाली औंस की नमी रहती है. यह उपाय आँखों की ज्योति की रक्षा के अलावा शरीर को भी लाभ पहुंचाता है।

(3) गोमूत्र से आँखें धोने और आधा घंटे बाद ठण्डे पानी से धो डालनेसे आँखों के कई विकार नष्ट होते हैं, यह उपाय प्रतिदिन प्रातःकाल के समय करना चाहिए। कुछ दिन बाद सप्ताह में दो बार काफी रहेगा। यह प्रयोग चश्मे का नम्बर कम करने में उपयोगी सिद्ध हुआ है।

(4) प्रतिदिन शहद के साथ ताजा आँवले का रसपान करने से आँखोंकी रोशनी बढ़ती है और मोतियाबिंद तथा आँखों से संबंधित अन्य रोगों में भी इससे लाभ पहुंचता है।

आँखों के नीचे काले घेरे होना।

(1) कई कारणों से आँखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं, जिसमें मुख्य कारण पेट की खराबी, संतुलित भोजन न करना, मानसिक तनाव, लीवर की कमजोरी आदि होते हैं इन कारणों को दर करके विभिन्न उपाय करने से धीरे-धीरे यह कालापन दूर हो जाएगा।

(2) प्रतिदिन दूध की मलाई नियमित रूप से काले घे! पर लगाया करें। कच्चे आलू को बीच में से काट लें और इन्हें आँखों पर खकर लेट जाएँ। आधे घंटे बाद पानी से धो लें।

(3) खीरा ककड़ी के टुकड़े इन घेरों पर घिसने से, कालापन दूर होता है। गाजर के मौसम में कह-कस पर गाजर किस लें, इसमें ककड़ी का रस मिलाकर काले घेरों पर लगाएँ 15-20 दिन यह उपाय करना चाहिए।

ऑख आना (कन्जेक्टवाईटिस)-

* गर्मी के दिनों में आँखों का लाल होना, दर्द करना व खुजली होना आदि कष्ट हुआ करते हैं। इसके लिये गाय का ताजा कच्चा दूध ड्रापर से आँखों में दो-दो बूंदेंटपकाना बहुत लाभकारी होता है। 2-3 दिन नमकीन- खट्टे पदार्थ खाना बंद कर दें। बहुत कम मात्रा में या बिल्कुल नहीं खायें।

आँख का दुखना

(1) अनार को पीसकर आँखों पर बाँधने से दर्द ठीक हो जायेगा।

(2) चुटकी भर अफीम को गरम पानी में घोलकर आँखों की पलकों पर लगाएं कितना भी दर्द हो शांत हो जाएगा।

(3) दुखती आँखों में खट्टे अंगूर के रस की दो-दो बूंदें डालने से आँखें ठीक हो जाती है।

आँखों से निरंतर पानी बहना

(1) राई को शहद में मिलाकर सूघने से आँखों से निरंतर पानी बहना रुक जाता है।

(2) अमरुद को आग में भूनकर खाने से आँखों से पानी बहना थम जाता है।

(3) 60 ग्राम सरसों के तेल में लहसुन की एक गाँठ पकाकर उस तेल को सीने और गले के आसपास और कानों के चारों ओर मालिश करें तो निश्चित ही तीन दिनों के भीतर आँखों से पानी बहना बंद हो जाएगा।

आँखों में खुजली

★ अंगर का रस निकालकर आँच पर पका कर गाढ़ा बनायें। ठंडा होने पर शीशी में भरकर रखें रात में इसे आँखों में अंजन के तौर पर लगाने से आँखों की खुजली मिट जाती है।

गोहरी

★) आँखों की पलकों पर एक फुसी हो जाती है, जिसे गोहरी या गुहेरी कहते हैं। इसका इलाज बहुत सरल है। पुरानी मिट्टी की कच्ची दीवाल में कोयले के टुकड़े चिपके रहते हैं। एक टुकड़ा निकालकर ले आएँ और साफ पत्थर पर पानी के साथ घिस लें। इसे सफाई के साथ फुसी पर इस तरह लगाएं कि लेप सिर्फ फुसी पर ही लगे। इसे लगाते ही थोडी देर में सारा तनाव समाप्त हो जाता है और फुसी मुरझा कर बैठ जाती है। गुप्तेन्द्रिय रोज न धोने से भी यह रोग होता है। अतः स्नान करते समय अपने गुप्तांग को प्रतिदिन धोना चाहिए।

आँखों की धुंध, जाला आदि रोग

(1) आँखों के आगे धुंध व्याप्त हो गई हो तो रोग की प्रारंभिक अवस्था में ऑवलों का रस थोड़े-से पानी में मिलाकर सुबह-शाम चार दिन पीने से लाभ होता है।
(2) कचा आलू साफ पत्थर पर घिसकर सुबह-शाम लगाने से वर्षों पुराना जाला भी कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

(3) प्याज (सफेद प्याज) के रस को आँखों में लगाते रहने से नेत्र ज्योति बढ़ती है, तथा धुंध, जाला, नाखूना, गुबार और मोतियाबिंद तक दूर हो जाता है अथवा रुई की बत्ती प्याज के अर्क में भिगोकर सुखा लें। फिर इसे तिल के तेल से जलाकर और काजल बनाकर लगाने से जाला दूर हो जाता है।

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